मुमताज

हर जगह आपके हुस्न का आलम छाया हुआ है, मेरे दिल की तो मुमताज आप हैं, मैंने तो अपने दिल में ताजमहल बनाया हुआ है.

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अमर फल

मर्लिन मुनरो - भाग 1

कुत्ते का रोना