सदना कसाई
जब भक्त की बात हो तो सदना कसाई की कहानी भी बड़ी मशहूर है l भगवान के भक्त में इस सदना कसाई का भी नाम आता है l सदना कसाई का काम करता था l यह पेशा उनके पूर्वजों से चला आ रहा था l सदना पशुओं को मारता नहीं था बल्कि बाजार से माँस लाकर बेचता था l सदना भगवान का भजन किया करता था l वो सत्संग में जाता था l एक दिन की बात है l सदना अपना काम निपटाकार सत्संग में चला गया l सदना ध्यान लगाकर सत्संग सुन रहा था, सत्संग समाप्त हो गया सारे लोग वहां से चले गए l पर सदना सत्संग में इतना लीन हो चूका था की वो अपनी जगह पर बैठा रह गया l पंडित जी ने जब यह देखा तो सदना की साधुता देखकर सदना के हाथ में एक पत्थर देते हुए कहा की लो ये सच के भगवान हैँ l दरअसल वो कोई साधारण पत्थर नहीं था, पत्थर के रूप में भगवान शालीग्राम थे l सदना उस पत्थर को लेकर घर आ गया अब सदना तराजू में उस बटखरे की जगह उसी पत्थर को रख दिया जो स्वयं भगवान शालीग्राम थे l सदना तराजू के एक पलड़े में उस पत्थर को रखता और दुसरे पलड़े में मांस रखकर तौलने लगा l पंडित की बात का विश्वास रख के की ये सच के भगवान हैँ l सदना माँस तौलते हुए उस पत्थ...