नरक
नरक जो दक्षिण दिशा में स्थित है जहाँ पापियों को दंड दिया जाता है जिसे यमलोक कहते है जहाँ के राजा दंडपानी यमराज हैँ जिनका नाम सुनकर पृथ्वीलोक के प्राणी काँप जाते हैँ पापियों के लिए यमराज और पुण्यात्मा प्राणियों के लिए धर्मराज हैँ lजो आत्महत्या करते है वो यहीं रहते हैँ, जो पाप करते हैँ उन्हें यमदूत ले जाते हैँ, वो नरक जाते हैँ lजो पुण्य करते हैँ उन्हें यमराज मतलब धर्मराज ले जाते हैँ उन्हें स्वर्ग मिलता है जो भगवान के भक्त हैँ जिन्होंने जीवन भर भगवान को जपा है वो भागवत धाम जाते हैँ उन्हें लेने भगवान के पार्षद आते हैँ lकर्मों का लेखा जोखा चित्रगुप्त ज़ी के पास है वो पापपुण्य का हिसाब रखते हैँ उस हिसाब से फिर दंड तय होता है,जो पाप करते हैँ वहां लाये गए मृत प्राणियों को यमराज दंड देते हैँ l वे धर्म के नियमों में रहकर पापियों को दंड देते हैँ lयमुदूतों द्वारा केवल पापी मनुष्य लाये जाते है इनके आने पर प्राणियों के मल मूत्र छुट्टी जाते हैँ क्यों की ये दिखने में बड़े भयानक होते हैँ l वे भगवान श्री हरी, शंकर और भगवती के भक्त के पास नहीं आते हैँ क्यों भक्तों का चेहरा यमुदूतों को बहोत...