कुत्ते का रोना


कुत्ते का रोना कहते हैं अशुभ माना जाता है, कई तथ्यों के अनुसार यह साबित हो चूका है की कुत्ते जब रोते हैं तो वहां घटनाएं होती हैंl सोचा जो लोग जानना चाहते हैं ताकि वो इन अनसुलझी रहस्यों को समझ सके , मैं ऐसी रहस्यमई चीजों से पर्दा हटाऊँ l दरअसल मतलब क्या है क्या कुत्तों को पहले पता चल जाता है उन्हें मौत दिखाई देती है तो कई जगह ये देखा गया है की जहाँ कुत्ते रोते हैं वहां कोई ना कोई मौत होती है दरअसल कुत्तों को यमुदूतों को देखने की शक्ति होती है कुत्ते जब यमदूत देखते है तो उस घर में मौत के आने की आहट सुन रोने लगते हैं इन्हें भूत प्रेत भी दिखाई देते है, कहते हैं प्रेतों के पैर नही होते जब प्रेतों का आकार बढ़ता देखते हैं तो कुत्ते इनपे भौँकने लगते हैं, इधर मैंने इंटरनेट पर जब एक पेरानोर्मल्स एक्सपर्ट की वीडियो देखी वो कुत्तों पे थीं, कहानी ये थीं की रात को उसके घर में कुत्ते रो रहे थे तो वो उस जगह देखने लगा तभी उन्हें एक सफ़ेद कपड़े पहने आदमी दिखाई दिया उस परानोर्मल्स एक्सपर्ट ने उससे पुछा किसकी मौत आयी है तो सफेदपोश आदमी बोला तेरी नही है तो वो सोचने लगा की अब इस घर में कौन मरेगा मेरे अलावा क्या मेरा गार्ड मरेगा पर गार्ड बिलकुल ठीक था ये तीन दिन पहले की घटना थीं अब वो एक्सपर्ट सोचने लगा की आखिर रहस्य क्या है उसी दिन गार्ड के यहाँ एक रिश्तेदार जो एक औरत थीं वहां आयी और ठीक तीसरे दिन गॉर्ड के यहाँ वो औरत जो उसकी रिश्तेदार थीं वो मर गयी, जब एक्सपर्ट नीचे रोने चिल्लाने की आवाज सुनी तो नीचे दौड़ कर आया तो देखा की वो औरत मरी हुईं है जो गार्ड की रिश्तेदार थीं, अब परानोर्मल्स एक्सपर्ट को सारी बातें समझ में आ चुकी थीं की क्यों कुत्ते रो रहे थे सफ़ेदपोश को देखकर l आखिर जब कहीं इनकम टैक्स की रेड पड़ती है तब 2,3 दिन पहले से ही उसके लोग वहां आना शुरू कर देते हैं l कुत्ते संवेदनशील भी होते है चाहे रतन टाटा का कुत्ता हो या किसी औरों का, टाटा साहब का कुत्ता भी उनकी याद में रो रहा था l कुत्ते अपने मालिक की याद में रोते भी है तो आपकी जेहन में ये सवाल जरूर आता होगा तो क्या इन सब चीजों को पहले से जानकर क्या कोई ऐसी चीजों को रोक सकता है इन्हें बस समझने की चीज है भला मौत को कौन रोक पाया है इसे तो जब आना है तो आएगी आगे की चीज तो संत या परमात्मा ही जानते है ssss कोई है l 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मर्लिन मुनरो - भाग 1

अमर फल