बाबा ने खुद बताया जब उनका सामना एक चुड़ैल से हुआ l प्रेमा बाबा सुबह जंगल में शौच के लिए जा रहे था, तभी उन्होंने देखा एक औरत लाल घाघरा में उनके आगे खडी हो जाती थी, तो उन्होंने सोचा कोई गाओं की औरत है जिस रास्ते जाएगी मै उस रास्ते नहीं जाऊंगा, उन्होंने अपना रास्ता बदल लिया, लेकिन जैसे वो दूसरे रास्ते में गए वो फिर आगे खड़ी हो गयी, अब वो समझ गए की ये चुड़ैल है, और उन होने जोर से राधा नाम का उच्चारण किया लाडली किशोरी राधा, येबोलते ही वो चुड़ैल अदृश्य जो गयी, तो ऐसे हुआ था प्रेमा बाबा का भी चुड़ैल से सामना l उन्होंने कोई मंत्र भी नहीं पढ़ा केवल राधा नाम के उच्चारण मात्र से ही वो चुड़ैल भाग गयी तो यहाँ राधा नाम की महिमा और शक्ति का भी पता चलता है, राधा नाम की क्या ताकत है, राधा नाम लेने से ही चुड़ैल भाग गयी तो बहुत प्रेत चुड़ैल भागने के लिया राधा नाम से भी क्या बड़ा मंत्र हो सकता है, और फिर आपको कोई संकट आये या चुड़ैल आपके पीछे पड़ जाये तो हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करे ऐसा संत महापुरुष से ले कर शास्त्र में भी वर्णन है l तो प्रेमा बाबा ने फिर से एक बार साबित कर दिया की चुड़ैल, भूत प्रेत जैसी चीजों का अस्तित्व है, अब आप ना माने तो फिर क्या ही किया जा सकता है, हाँ पर एक बात है ये बड़ी जिद्दी होती हैँ बदजात एक बार आ जाय तो फिर कहीं जातीं नहीं, जब आपका सामना हो तो फिर आपको यकीन हो, ये उनके पास ही आती हैँ जिनका औरा कमजोर होता है जो पूजा पाठ करते, संतो के पास तो ये अपना कल्याण करने ही आते हैँ. संतो और महापुरुषों के जूठन से तो बहुत प्रेत को मुक्ति मिल जाती है
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें