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लहर

                                             लहर सागर की  लहरों  सी  चंचल   हो  तूम , बस  अपनी  मौजों  मे बहती जाती  हो, कभी बलखाती, कभी इठलाती,  बहती जाती अल्हड सी अपनी मस्ती में तुम , मैंने पूछा तुसे कहाँ जा रही हो तुम  , मुस्काते हुए तुमने कहा पता अहि इन्ही लहरों से पूछो मेरी मंजिल , मेरे पीछे ना आना कहीं तुम्हेंअपनी लहरों के साथ बहाना ले जाऊं, लहर हूँ मैं दुर कहीं चली जाउंगी, एक झलक दिख जाउंगी, पास नही मै आउंगी, अपने किनारों पर अपना अक्श छोड़ जाउंगी . तुम ढूंढते रह जाओगे. मुझे किनारों पर, पर मै अपने लहरों संग दुर चली जाउंगी , कहीं दुर चली जाउंगी .

सुशांत सिह राजपुत और बाॅलीवुड

                                           21 jan 1986 to 14 June 2020 बिहार में पटना के रहनेवाले सुशांत सिंह ने अपने अभिनय से एक मिशाल कायम की।पवित्र रिशता जैसे सीरियल बनाकर खुब वाहवाही बटोरी।इनकी गजब की अभिनय क्षमता से इन्हे फिल्मों के आफर आने लगे। इनहोने पी के जैसी बडे बैनर के फिल्मों में काम किया।अपनी फिल्म एम एस धोनी से इनहोंने अपने  अभिनय  का परचम लहराया ।अपने ऐक्टिंग के दम पर ये लाखों दिलों पर राज करने लगे।बेहतरीन अभिनय के दम पर ये एम एस धोनी से रातों रात स्टार बन  गए।अपने अभिनय के दम पर इनहोने एम एस धोनी के चरित्र को जीवंत कर दिया था।खुद धोनी ने भी ये कहा कि सुशांत ने जैसी ऐक्टिंग मेरी की है। शायद मैं खुद भी नही कर पाता। एम एस धोनी फिल्म देखने के बाद बाॅलीवुड के बड़े-बड़े दिग्गजों ने इनकी प्रतिभा को सराहा।सुशांत को ये मालुम नही था कि ये जिस चकाचौंध की तरफ बढ़ रहे हैं।यही बाॅलीवुड उसकी जिंदगी में एसा तुफान लाएगा जिससे वो उबर नही सकेंगे।ये मायानगरी...

ईमली का पेड़

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क्या आपको रात के सन्नाटे में कभी डर नही  लगता ।क्या आपकी खिड़की कभी रात में खडखडाती नही। क्या कभी आधी रात को किसी ने आपका दरवाज़ा तो नही खटखटाया।क्या आपको भी लगता है कि कोई साया आपका पीछा कर रहा है।आपने रुहों को कभी देखा है।जो जिस दुनियां की चीजें है उससे छेड़ छाड नही किजिए ये आपके लिए खतरनाक हो सकती है।कहानी जो आपके रोंगटे खड़े कर देगी।रुहों पे जो यकीन नही करते उन्हें भी पता चलेगा मौत के बाद एक दुसरी दुनिया भी है।रुहों की दुनिया । रुहें अच्छी भी होती हैं और बुरी भी।कहते हैं मरने के बाद जिनकी कोई इच्छा अधुरी रह जाती है। वो इस दुसरी दुनिया के हो जाते हैं।जो है रुहों की दुनिया ।उनकी रुहें भटकती हैं।जब तक उनकी इच्छाए पुरी नही होती। इनकी भी जातियां होती हैं जैसे भुत ,प्रेत , पिशाच, चुड़ैल, डाकिनि, ब्रहमराक्षस, भैरव।जब सारी दुनिया सोती है। तब रात 12 बजे से शुरू होता है आत्माओं का भ्रमण। इसलिए पुराने जमाने के लोग रात के बारह बजने के बाद कहीं बाहर नही जाते थे । क्यों कि वो जानते थे रात को आत्माएँ घुमती हैं।उनका सामना आत्माओं से हो सकता है।मुझे शुरू से ही भुत प्रेत जैसी ची...

मृत्यु

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                                    मृत्यु मुझे इससे बहुत डर लगता था . पर अब बहुत प्यारी लगती है . किसी दुल्हन सी . जैसे अपनी बाहें फैलाये ख़ड़ी  हो , अपनी आगोश में लेने के लिए . चैन और सुकून के साथ मै सो जाउंगा . एक गहरी नींद में . कुछ चीजें जो ज़िन्दगी भर मेरा पीछा कर रही थी . वो मेरा पीछा तो नही करेगी . जों रिश्ते मुझे चुभते थे वो चुभेंगे तो नहीं . मैं उनसे दुर चला जाऊंगा  जहां से   दूरियां भी छोटी पड़ती है . मैं सबको  तो  खुश नही रख सकता . रिश्ते सभी पीछे छुट जायेंगे . फिर मैं एक नई यात्रा पर निकल जाऊंगा . कौन कितने दिन किसे याद रखता है . जो तुम्हारे करीबी हैं . वो रोएंगे . जो दुर के हैं वो मातम में आयेंगें और चले जायेंगे . किसी की ज़ेहन में रहूँगा याद की तरह . जो बस नाम के रिश्ते हैं वो मुझे भुला देंगे किसी तस्वीर की तरह . जो दुखी है...

दानवीर कर्ण और ढाई मन सोना

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अंग प्रदेश जो वर्तमान में भागलपुर के नाम से जाना जाता है। जिसका राजा कर्ण हुआ करता था।भागलपुर के निकट स्थित चम्पानगर अंग प्रदेश की राजधानी थी।कर्ण बहुत बड़ा दानवीर  था और माँ चंडी का बहुत बड़ा भक्त था।मुंगेर जिला मुख्यालय से 4 किमी दुर माँ चंडी का दिव्य मंदिर है।जो बहुत ही सुदर और भव्य है।प्राचीन काल में यह बिलहरी नामक ग्राम के रुप में जाना जाता था। जिसका नाम पुष्पावती नगरी भी था।यहां माँ सती की बायीं आंख गिरी थी।यहां एक काजल मिलता है, जिसे आंखों में लगाने से रोगी को आंखों के कष्टों से मुक्ती मिलती है।यहां भक्तों का तांता लगा रहता है।यहां लोगों की मुरादें पुरी होती हैं ।यहां की एक किवंदती बहुत ही प्रचलित है। राजा कर्ण सुर्योदय से पुर्व हर रोज चंडी माँ की पुजा किया करता था ।मंदिर के एक कडाहे में तेल उबलता रहता था।कर्ण उस खौलते हुए कड़ाहे में कुद जाता था।उसका मांस भक्षण करने के बाद , माँ चंडी उसे अमृत छिडक कर जिवित कर देती थी और रोज उसे ढाई मन सोना दिया करती थी।कर्ण चौराहे पर जाकर वह सोना गरीबों में दान किया करता था।कर्ण के राज्य में उसकी सारी प्रजा सुखी थी।कोई गरीब ...

लाॅकडाउन भाग 1

24 मार्च 2020 से कोरोना संक्रमण के कारण देश में लाॅकडाउन की घोषणा कर दी गई। सभी अपने घरों में रहेंगे इसकी सलाह दी गई । राशन की दुकान और दवा दुकान खुली रहेगी । ताकि लोगों को जरुरत की चीज़ें मिल सके ।इमरजेन्सी सेवाएँ जारी रहेगी जैसे अस्पताल, बैंक। पुलिस 24/7 डयुटी करेगी। सरकार की तरफ से गरीबों और मजदुरों को घर पर खाना पहुंचाने की व्यवस्था की गई।सरकार से लेकर कई ट्रस्‍ट्‌ खाना गरीबों तक पहुंचाने का काम करने लगे।पर मजदुर जो रोज कमाते हैं खाते हैं ।उनका जीना मुहाल हो रहा था।फैक्ट्रियों बंद हो चुकी थी। उनके लिए रोजगार के रास्ते बंद हो चुके थे।उनको दो वक्त का खाना ही मुहैया कराना ही काफी नही था।उनका जीना मुहाल हो रहा था ।आखिर कब तक वो शहर की तंग जिंदगी जीते ।दिल्ली एवं गाजियाबाद में रह रहे सभी मजदूर लाॅकडाउन तोडकर घर से निकल पड़े।सड़क पर हजारों मजदुरों की भीड़ इकट्ठी हो गई ।और इस तरह लाॅकडाउन की धज्जियां उड गई ।कोई परिवार बीवी- बच्चों के साथ तो कोई अकेला ।उनकी दुनिया उजड़ चुकी थी। यातायात साधन उपल्बध नही होने के कारण सभी पैदल ही अपने होमटाउन की अर निकल पड़े ।अब सरकार के पास एक बड़ी समस्य...

कोरोना का कहर

चीन के वुहान से आया ये कोरोना वायरस पुरी दुनिया पर कहर बरपा रहा है। चीन ने कुत्ते, बिल्ली, चमगादड़    खाकर ये वायरस फैलाया। और इसकी सजा भुगत रहा है पुरा विश्व । उनका इस तरह से जानवरों को खाना काफी घृणित है।ये वाकई में चमगादड़ से आया वायरस है या  चीन के लैब में तैयार किया गया कोई जैविक बम।जिसे चीन के द्वारा दुनिया पर छोड़ दिया गया । उसकी एंटी पहले से चीन ने बना ली थी।इसलिए शुरुआती दौर में चीन पर इसका असर देखा गया । पर अब चीन में इसका कोई असर नही क्यों। वुहान के लोग अब खुली सांस ले रहे हैं।चीन के व्यापारिक क्षेत्र बीजिंग, शंघाई में इसका कोई असर नही। ये सारे तथ्य चीन को संदेहास्पद बनाते हैं।क्या चीन ने दुनिया की अर्थव्यवस्था तोड़ने के लिए ये तरकीब अपनायी थी।कोरोना वायरस को पहले चीन ने छुपाया क्यों। विश्व स्वास्थय संगठन ने इसे पेनडैमिक क्यों नही बताया। ताकि पुरे विश्व में ये नही फैले । क्या चीन की विश्व स्वास्थय संगठन से मिली भगत थी।अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन और विश्व स्वास्थ्य संगठन को कोरोना वायरस फैलाने का दोषी बताया ।दुनिया का सबसे ताकतवर देश इस कोरोना के सामने घु...