संदेश

प्राइवेट जॉब

चित्र
मेरा मूड काफी खराब था. लूथरा साहब की बदतमीजी बढ़ती जा रही थी। मैनें भी सोच रखा था। आज लूथरा ने कुछ बोला। तो मै उसकी बेइज्जती करूँगा। मैं पेपर पर कुछ काम कर रहा था, तभी पता चला, लूथरा ने बुलाया है। फिर गेट पे CCTV मशीन खराब होने के कारण Mr. लूथरा मुझे सुनाने लगा। उस दिन सभी के बीच मैंने उसे पुरा सुना दिया। सभी के बीच उसकी इज्जत उतार दी। वह सहमा हुआ चुपचाप मुझे देखता रह गया।मैं वहाँ से चला गया। फिर मैं सोचने लगा। आज मैं भी काफी बड़े पोस्ट पे होता। मैं भी अपने बॉस का चमचा होता। औरों की तरह तरक्की के लिये मैं भी किसी के तलवे चाट लेता। पर मुझसे ये हो ना सका। मैं अपने जमीर को नही मार सका। मैं अपने मेहनत की कमायी खाना चाहता था। इसलिए शायद मुसीबत हमेशा मेरे साथ साथ चलती है। जो सही राह पे चलनेवालों को आगे नही बढ़ने देती है। मैं उस दिन लूथरा साहब का ऑफिस छोड़ चुका था। मैं बहोत खुश था। क्यों कि मैं लूथरा से छुट कारा पाना चाहता था। मैं घर पहुंचा। अपनी बीवी को सारी बात बतायी।वो काफी चिंतित हो गयी।  फिर मैंने उसके हाथों में कंपनी का चेक दिया। जो मेरे अंतिम महीने का वेतन था। मैंने चेक...

अशोक विहार का फ्लाई ओवर

अगर आप किसी फ्लाई ओवर से गुजर रहे हैं तो सावधान हो जाइये , क्यों कि ये गुडगांव अशोक विहार का फ्लाई ओवर काफी डरावना है।ये फ्लाई ओवर रात होते ही एक अजीब सी शक्ल अख्तियार करता है। यहाँ अक्सर एक उजली साड़ी पहने एक औरत दिखाई देती है। जो आने जाने वाली गाड़ियों के ड्राइवर से रास्ता पूछती है। जो भी ड्राइवर उसे गाड़ी रोक कर रास्ता बताता है, उस गाड़ी की ब्रेक फेल हो जाती है और गाड़ी गोल गोल घूमने लगती है। यह घटना अक्सर रात 1AM से 4 AM के बीच होती है। अगर आप भी इस फ्लाई ओवर से गुजर रहे हैं तो अपनी गाड़ी कभी ना रोके, ये उजली साड़ी वाली औरत हर अक्सर आने जाने वालों से रास्ता पूछती है। क्या पता इसका अगला शिकार आप हो सकते हैं। आपकी भलाई इसी में है की आप जान बचाकर वहाँ से निकल लें। क्या पता वो आपकी आखिरी रात हो। आखिर इस औरत की आत्मा आने जाने वालों से रास्ता क्यों पूछती है। इस औरत की आत्मा यहाँ क्यों भटकती है। ये बस एक रहस्य है। क्यों हर रात ऐसी घटना घटती है, कोई नही जानता। ये सारे सवाल शायद आपको परेशान कर दें। आप मुझ पर यकीन करें ना करें पर ये सच है। 

saffron call center

गुडगाँव में कब्रिस्तान के ऊपर बना सैफरन कॉल सेंटर कहते हैं यहाँ रोज नाम की लड़की काम किया करती थी. वो हमेशा employee of the month ka अवार्ड जीत जाती थी। वो अक्सर फोन पर बाते किया करती थी। कुछ ही दिनो के बाद वो लम्बी छुट्टी  पर चली गयी। जब वो काफ़ी दिनो बाद भी काम पर नही लौटी तो उसके सहकर्मी उसके घर पर पहुंचे, जहाँ वो किराए के मकान पे रहा करती थी। वहाँ उन्होंने रोज के माँ बाप से मुलाकात की। उन्होंने बताया की रोज को मरे तो आठ साल हो गए। उसके सहकर्मी  यह सुनकर अवाक रह गए। उनलोगों के हाथ पाव सुन्न हो गए। कहते हैं रोज की आत्मा अभी भी रात को वहाँ दिखाई देती है। फोन 📞 से रात को कोई लड़की ऑफिस  में दिखाई देती है। फिर अचानक से वो गायब हो जाती है। कॉल सेंटर का वो बूढ़ा चौकीदार मुझे बता रहा था। 

लहर

                                             लहर सागर की  लहरों  सी  चंचल   हो  तूम , बस  अपनी  मौजों  मे बहती जाती  हो, कभी बलखाती, कभी इठलाती,  बहती जाती अल्हड सी अपनी मस्ती में तुम , मैंने पूछा तुसे कहाँ जा रही हो तुम  , मुस्काते हुए तुमने कहा पता अहि इन्ही लहरों से पूछो मेरी मंजिल , मेरे पीछे ना आना कहीं तुम्हेंअपनी लहरों के साथ बहाना ले जाऊं, लहर हूँ मैं दुर कहीं चली जाउंगी, एक झलक दिख जाउंगी, पास नही मै आउंगी, अपने किनारों पर अपना अक्श छोड़ जाउंगी . तुम ढूंढते रह जाओगे. मुझे किनारों पर, पर मै अपने लहरों संग दुर चली जाउंगी , कहीं दुर चली जाउंगी .

सुशांत सिह राजपुत और बाॅलीवुड

                                           21 jan 1986 to 14 June 2020 बिहार में पटना के रहनेवाले सुशांत सिंह ने अपने अभिनय से एक मिशाल कायम की।पवित्र रिशता जैसे सीरियल बनाकर खुब वाहवाही बटोरी।इनकी गजब की अभिनय क्षमता से इन्हे फिल्मों के आफर आने लगे। इनहोने पी के जैसी बडे बैनर के फिल्मों में काम किया।अपनी फिल्म एम एस धोनी से इनहोंने अपने  अभिनय  का परचम लहराया ।अपने ऐक्टिंग के दम पर ये लाखों दिलों पर राज करने लगे।बेहतरीन अभिनय के दम पर ये एम एस धोनी से रातों रात स्टार बन  गए।अपने अभिनय के दम पर इनहोने एम एस धोनी के चरित्र को जीवंत कर दिया था।खुद धोनी ने भी ये कहा कि सुशांत ने जैसी ऐक्टिंग मेरी की है। शायद मैं खुद भी नही कर पाता। एम एस धोनी फिल्म देखने के बाद बाॅलीवुड के बड़े-बड़े दिग्गजों ने इनकी प्रतिभा को सराहा।सुशांत को ये मालुम नही था कि ये जिस चकाचौंध की तरफ बढ़ रहे हैं।यही बाॅलीवुड उसकी जिंदगी में एसा तुफान लाएगा जिससे वो उबर नही सकेंगे।ये मायानगरी...

ईमली का पेड़

चित्र
क्या आपको रात के सन्नाटे में कभी डर नही  लगता ।क्या आपकी खिड़की कभी रात में खडखडाती नही। क्या कभी आधी रात को किसी ने आपका दरवाज़ा तो नही खटखटाया।क्या आपको भी लगता है कि कोई साया आपका पीछा कर रहा है।आपने रुहों को कभी देखा है।जो जिस दुनियां की चीजें है उससे छेड़ छाड नही किजिए ये आपके लिए खतरनाक हो सकती है।कहानी जो आपके रोंगटे खड़े कर देगी।रुहों पे जो यकीन नही करते उन्हें भी पता चलेगा मौत के बाद एक दुसरी दुनिया भी है।रुहों की दुनिया । रुहें अच्छी भी होती हैं और बुरी भी।कहते हैं मरने के बाद जिनकी कोई इच्छा अधुरी रह जाती है। वो इस दुसरी दुनिया के हो जाते हैं।जो है रुहों की दुनिया ।उनकी रुहें भटकती हैं।जब तक उनकी इच्छाए पुरी नही होती। इनकी भी जातियां होती हैं जैसे भुत ,प्रेत , पिशाच, चुड़ैल, डाकिनि, ब्रहमराक्षस, भैरव।जब सारी दुनिया सोती है। तब रात 12 बजे से शुरू होता है आत्माओं का भ्रमण। इसलिए पुराने जमाने के लोग रात के बारह बजने के बाद कहीं बाहर नही जाते थे । क्यों कि वो जानते थे रात को आत्माएँ घुमती हैं।उनका सामना आत्माओं से हो सकता है।मुझे शुरू से ही भुत प्रेत जैसी ची...

मृत्यु

चित्र
                                    मृत्यु मुझे इससे बहुत डर लगता था . पर अब बहुत प्यारी लगती है . किसी दुल्हन सी . जैसे अपनी बाहें फैलाये ख़ड़ी  हो , अपनी आगोश में लेने के लिए . चैन और सुकून के साथ मै सो जाउंगा . एक गहरी नींद में . कुछ चीजें जो ज़िन्दगी भर मेरा पीछा कर रही थी . वो मेरा पीछा तो नही करेगी . जों रिश्ते मुझे चुभते थे वो चुभेंगे तो नहीं . मैं उनसे दुर चला जाऊंगा  जहां से   दूरियां भी छोटी पड़ती है . मैं सबको  तो  खुश नही रख सकता . रिश्ते सभी पीछे छुट जायेंगे . फिर मैं एक नई यात्रा पर निकल जाऊंगा . कौन कितने दिन किसे याद रखता है . जो तुम्हारे करीबी हैं . वो रोएंगे . जो दुर के हैं वो मातम में आयेंगें और चले जायेंगे . किसी की ज़ेहन में रहूँगा याद की तरह . जो बस नाम के रिश्ते हैं वो मुझे भुला देंगे किसी तस्वीर की तरह . जो दुखी है...